चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित वटिका स्पेशल स्कूल के मूक-बधिर स्टूडेंट्स ने स्कूल के बाहर करीब 3 घंटे प्रदर्शन किया। ये बच्चे बोल और सुन नहीं सकते। ऐसे में अपनी आवाज उठाने के लिए उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। यह विरोध प्रदर्शन 12 अगस्त 2026 को किया गया। छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रबंधन को दिया। प्रदर्शन में स्कूल के कुछ पूर्व विद्यार्थी और पेरेंट्स भी शामिल हुए। बस चार्जिंग की सुविधा स्कूल में एक इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध है, लेकिन छात्रों के मुताबिक कैंपस में चार्जिंग की व्यवस्था न होने से उसका नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि चार्जिंग की समस्या को दूर किया जा रहा है। प्रशासन ने सुनी शिकायतें प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों की शिकायतें समझने के लिए सोशल वेलफेयर विभाग की मदद ली। विभाग के अधिकारी ने छात्रों की शिकायतें सुनीं। स्कूल प्रिंसिपल ने भी कहा कि अब शिकायतों को लेकर विभाग के साथ समाधान की कोशिश की जाएगी। प्रिंसिपल कविता सोबती ने कहा कि छात्रों ने इससे पहले लिखित शिकायत नहीं दी थी। अब सोशल वेलफेयर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। दो कमरों से हुई थी स्कूल की शुरुआत सबसे पहले इस स्कूल की शुरुआत 1991–92 में करुणा सदन, सेक्टर 11-B में केवल दो कमरों से हुई थी। बच्चों की संख्या और जरूरतें बढ़ने के बाद अगस्त 2002 में चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर 19-B में सरकारी भवन लीज होल्ड आधार पर स्कूल को दिया। स्कूल पंजाब IAS ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (PIOWA) की पहल है। शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी मौजूद स्कूल की अपनी वेबसाइट भी इसे PIOWA का venture बताती है। स्कूल का उद्देश्य मूक-बधिक स्टूडेंट्स को केवल अकादमिक शिक्षा देना नहीं बल्कि बच्चों को इंडियन साइन लैंग्वेज, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के लिए तैयार करना भी है। ये खबर भी पढ़ें दिल्ली के बाद दूसरा आंदोलन जब सरकार ने मानी मांगें:जंतर - मंतर पर छात्रों की जीत से बढ़े हौसले, झारखंड में मांगें पूरी होने के बाद खूब नाचे कार्यकर्ता हाल ही में हुए छात्र आंदोलन में यह तीसरा आंदोलन है जिसमें सरकार ने छात्रों की मांगे मान ली हैं। इसके चलते BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक ही चरण में करने का फैसला किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें
मूक - बधिक स्टूडेंट्स का 3 घंटे तक चला प्रदर्शन:शोर मचाकर रखी अपनी बात, पिक एंड ड्रॉप बस सुविधा, टीचर को साइन लैंग्वेज ट्रेनिंग की मांग
Continue With Google
Comments (0)